हमारा शरीर ऊर्जा का भंडार है। प्रकृति ने हमारे शरीर को ऐसी शक्तियां प्रदान की हैं जो हमें रोगों से बचाती हैं और मौसम के कुप्रभाव से भी सुरक्षित रखती हैं। लेकिन अधिकतर ये शक्तियां सुप्त अवस्था में रहती हैं। योग इन्हीं शक्तियों को जागृत करता है। आज पूरा विश्व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर योग को अपना रहा है। स्वास्थ्य के लिए योग का महत्व क्या है? इस लेख में यह संक्षेप में बताया जाएगा।
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| नियमित योगाभ्यास में आसन, प्राणायाम और ध्यान — शरीर व मन दोनों को स्वस्थ रखते हैं। |
विषय सूची:
- योग और स्वास्थ्य
- पतंजलि के अनुसार योग
- आसन क्या है?
- प्राणायाम क्या है?
- ध्यान क्या है?
- सारांश
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
योग और स्वास्थ्य
'योग' स्वास्थ्य के लिए एक उत्तम, सुरक्षित, सुलभ और विज्ञान-सम्मत विधि है। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए सभी को अपनी क्षमता के अनुसार ही योगाभ्यास करना चाहिए। योगाभ्यास को नियमपूर्वक और सही विधि से किया जाए तो यह अत्यंत लाभकारी होता है।
भारत में योग का अभ्यास प्राचीन काल से होता आ रहा है — यह विश्व को भारत की ही देन है। पहले यह आश्रमों और गुरुकुलों तक सीमित था। इसे सरल भाषा में परिभाषित करके आम जनमानस तक पहुंचाने का श्रेय महर्षि पतंजलि को दिया जाता है। आज योग को संयुक्त राष्ट्र (UN) से भी मान्यता मिल चुकी है, और प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है — इसका श्रेय भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को दिया जाता है।
पतंजलि के अनुसार योग
महर्षि पतंजलि ने अपने "योगसूत्र" में योग को परिभाषित करते हुए लिखा है — "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः", अर्थात चित्त की वृत्तियों का निरोध करना ही योग है। इसके लिए उन्होंने अष्टांगयोग का मार्ग बताया, जिसके आठ अंग हैं — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। आज स्वास्थ्य के लिए मुख्यतः तीन अंगों — आसन, प्राणायाम और ध्यान — का अभ्यास किया जाता है, जिनका वर्णन आगे किया गया है।
आसन क्या है?
योग में आसन एक शारीरिक अभ्यास है। यह अष्टांगयोग का तीसरा चरण है। पतंजलि योगसूत्र में इसे "स्थिरसुखम् आसनम्" कहा गया है — अर्थात स्थिरता और सुखपूर्वक जिस स्थिति में ठहरा जा सके, वही आसन है।
स्वास्थ्य के लिए आसन का महत्व
- आंतरिक अंगों (किडनी, लीवर, पैंक्रियास) को प्रभावित कर शरीर का रासायनिक संतुलन बनाए रखता है
- रक्तचाप को सामान्य रखता है
- पाचन-तंत्र को स्वस्थ रखता है
- अस्थि-जोड़ों को मजबूत रखता है
- नाड़ी-तंत्र को सक्रिय रखता है
आसन का चयन अपनी शारीरिक क्षमता, अवस्था और आयु के अनुसार करना चाहिए। कठिन आसनों की तुलना में सरल आसन अधिक लाभकारी होते हैं।
प्राणायाम क्या है?
'प्राणायाम' योग का एक श्वसन अभ्यास है। यह अष्टांगयोग का चौथा चरण बताया गया है। पतंजलि योगसूत्र के अनुसार श्वास लेने और छोड़ने की सामान्य गति को (अपनी क्षमता अनुसार) कुछ देर रोकना ही प्राणायाम है।
स्वास्थ्य के लिए प्राणायाम का महत्व
- श्वसन-तंत्र को सुदृढ़ करता है और फेफड़ों को सक्रिय रखता है
- शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने से हृदय स्वस्थ रहता है
- प्राण-शक्ति में वृद्धि करता है और प्राणिक नाड़ियों के अवरोध दूर करता है
- नियमित अभ्यास अस्थमा तथा हृदय-रोग से बचाव में सहायक है
प्राणायाम में कुम्भक का विशेष महत्व बताया गया है। श्वास को अपनी क्षमता अनुसार कुछ देर रोकने की स्थिति को कुम्भक कहा जाता है, लेकिन नए अभ्यासियों और कमजोर श्वसन वाले व्यक्तियों को यह अभ्यास नहीं करना चाहिए।
ध्यान क्या है?
योग में ध्यान का सबसे अधिक महत्व है। मन को एकाग्र करना ध्यान की स्थिति है — यही योग का मुख्य उद्देश्य होता है। अष्टांगयोग में यह सातवां चरण है। स्वास्थ्य के लिए योगाभ्यास में आसन और प्राणायाम के बाद इसका अभ्यास करना विशेष लाभकारी माना गया है।
स्वास्थ्य के लिए ध्यान का महत्व
- मन और मस्तिष्क को प्रभावित कर एकाग्रता बढ़ाती है
- मानसिक शांति व तनाव-मुक्ति प्रदान करती है
- मन की चंचलता को कम कर स्थिरता लाती है
- योग को उसके अंतिम व सूक्ष्म चरण की ओर ले जाती है
अधिकतर अभ्यासी ध्यान को केवल एक आध्यात्मिक क्रिया मानकर इसकी अनदेखी कर देते हैं, जबकि योगाभ्यास में ध्यान का महत्व विशेष माना जाता है — इसलिए आसन-प्राणायाम के बाद इसका अभ्यास अवश्य किया जाना चाहिए।
सारांश
स्वास्थ्य के लिए योग एक महत्वपूर्ण विधि है। आसन, प्राणायाम और ध्यान इसके महत्वपूर्ण अंग हैं। आसन शरीर के अंगों को और प्राणायाम श्वास को सुदृढ़ करते हैं। अंत में ध्यान का अभ्यास मानसिक शांति देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
स्वास्थ्य के लिए योग का क्या महत्व है?
स्वास्थ्य के लिए योग एक उत्तम, सुरक्षित, सुलभ और विज्ञान-सम्मत विधि है। यह शरीर की सुप्त शक्तियों को जागृत करता है, आंतरिक अंगों को संतुलित रखता है, श्वसन-तंत्र को सुदृढ़ करता है और मन को शांत रखता है।
स्वास्थ्य के लिए योग के कौनसे अभ्यास करने चाहिए?
स्वास्थ्य के लिए मुख्यतः तीन अभ्यास करने चाहिए — आसन, प्राणायाम और ध्यान। ये अष्टांगयोग के तीन अंग हैं और सही क्रम में (पहले आसन, फिर प्राणायाम, अंत में ध्यान) किए जाने पर सर्वाधिक लाभकारी होते हैं।
स्वास्थ्य के लिए आसन का क्या महत्व है?
आसन आंतरिक अंगों (किडनी, लीवर, पैंक्रियास) को प्रभावित कर शरीर का रासायनिक संतुलन बनाए रखता है, रक्तचाप को सामान्य रखता है तथा पाचन-तंत्र, अस्थि-जोड़ों और नाड़ी-तंत्र को स्वस्थ रखता है।
स्वास्थ्य के लिए प्राणायाम का क्या महत्व है?
प्राणायाम श्वसन-तंत्र को सुदृढ़ करता है, फेफड़ों को सक्रिय रखता है, हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक है और प्राण-शक्ति में वृद्धि करता है। नियमित अभ्यास अस्थमा तथा हृदय-रोग से बचाव में भी सहायक है।
ध्यान का स्वास्थ्य के लिए क्या महत्व है?
ध्यान मन व मस्तिष्क को प्रभावित कर एकाग्रता बढ़ाता है, मानसिक शांति व तनाव-मुक्ति प्रदान करता है तथा मन की चंचलता को कम कर स्थिरता लाता है। यह योग को उसके अंतिम व सूक्ष्म चरण की ओर ले जाता है।
Disclaimer
योग सरलता से किया जाने वाला अभ्यास है। इसे बलपूर्वक न करें। क्षमता से अधिक तथा बलपूर्वक किया गया अभ्यास हानिकारक हो सकता है। योग स्वस्थ व्यक्तियों के लिए है। अस्वस्थ व्यक्ति चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। यह लेख किसी रोग के उपचार का दावा नहीं करता है। इसका उद्देश्य केवल योग की सामान्य जानकारी देना है।
