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वज्रासन एक सरल और प्रभावशाली योगासन है। इस आसन को सभी आयु वर्ग के स्त्री-पुरुष, युवा और वृद्ध आसानी से कर सकते हैं। यह एकमात्र ऐसा आसन है जिसे भोजन करने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है।

यह पाचन शक्ति बढ़ाने वाला आसन है तथा पैरों की थकान दूर करने के लिए उत्तम माना जाता है।

इस लेख में आप जानेंगे कि वज्रासन कैसे करें इसके लाभ क्या हैं, किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए और वज्रासन की स्थिति में कौन-कौन से आसन किये जाते हैं।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. वज्रासन क्या है?
  2. वज्रासन कैसे करें? (सही विधि)
  3. वज्रासन के लाभ
  4. वज्रासन में सावधानियां
  5. वज्रासन की स्थिति में किये जाने वाले आसन
  6. सामान्य प्रश्न (FAQ)
  7. सारांश
  8. Disclaimer
वज्रासन कैसे करें – सही बैठने की स्थिति का चित्र
चित्र: वज्रासन की सही बैठने की स्थिति

वज्रासन क्या है? (Vajrasana Kya Hai?)

वज्रासन शब्द संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है — “वज्र” अर्थात् दृढ़ या मजबूत और “आसन” अर्थात् बैठने की स्थिति। यह आसन शरीर को वज्र के समान मजबूत बनाने वाला माना जाता है, इसलिए इसका नाम वज्रासन रखा गया है।

इस आसन में दिन में किसी भी समय बैठा जा सकता है। विशेष रूप से भोजन करने के बाद यदि टहलने का समय न हो, तो कुछ समय वज्रासन में बैठना लाभकारी होता है।

यह भोजन को पचाने में सहायक है। अतः भोजन के बाद कुछ मिनट इस आसन में अवश्य बैठें।

यदि आप बैठकर कार्य करते हैं या TV देखते हैं, तो यह एक आरामदायक और स्वास्थ्यवर्धक बैठने की स्थिति है।

यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पैरों की थकान दूर करता है। योग में यह एक ध्यानात्मक आसन भी माना जाता है।

वज्रासन कैसे करें? (सही विधि)

  • समतल स्थान पर आसन बिछाएं
  • दोनों घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं
  • दोनों पैरों के पंजे सीधे रखें और अंगूठों को आपस में मिलाएं
  • एड़ियों को थोड़ा अलग रखें और उनके बीच में अपने नितंब टिकाकर बैठें
  • दोनों हाथ घुटनों पर रखें
  • दोनों घुटनों को मिलाकर रखें
  • रीढ़ और गर्दन को सीधा रखें
  • आंखें कोमलता से बंद करें
  • अपनी क्षमता अनुसार इस स्थिति में बैठें 

इस स्थिति में आगे बताए गए कुछ लाभदायी आसनों का अभ्यास भी किया जा सकता है।

वज्रासन के लाभ

वज्रासन के नियमित अभ्यास से अनेक शारीरिक और मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं।

मुख्य लाभ:

  • यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है
  • अपच, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं में सहायक है
  • कमर से नीचे पैरों का स्नायु तंत्र प्रभावित होता है
  • जंघाएं और पिंडलियां सुडौल बनती हैं
  • घुटनों और पिंडलियों के दर्द में लाभ मिलता है
  • वज्र नाड़ी प्रभावित होती है जिससे ऊर्जा ऊर्ध्वगामी होती है
  • महिलाओं के लिए लाभकारी है; मासिक धर्म की अनियमितता में सहायक
  • मानसिक चंचलता कम होकर एकाग्रता बढ़ती है
  • ध्यान लगाने में सहायक
  • रीढ़ को मजबूत करता है
  • पैरों की थकान दूर करता है

वज्रासन में सावधानियां

यद्यपि यह आसन सरल है, फिर भी कुछ सावधानियां आवश्यक हैं।

सावधानियां:

  • यदि घुटने मोड़ने में परेशानी हो तो यह आसन न करें
  • पैरों का ऑपरेशन हुआ हो तो चिकित्सक की सलाह लें
  • रीढ़ में गंभीर समस्या हो तो बिना चिकित्सकीय परामर्श अभ्यास न करें
  • गर्भवती महिलाएं चिकित्सक की सलाह से ही अभ्यास करें
  • प्रारंभ में 10–15 सेकंड से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं
  • अभ्यास के दौरान रीढ़ को सीधा रखें

वज्रासन की स्थिति में किये जाने वाले आसन

कुछ महत्वपूर्ण आसन वज्रासन की स्थिति में किये जाते हैं।

प्रमुख आसन:

  1. उष्ट्रासन
  2. शशांक आसन
  3. सुप्त वज्रासन

इन आसनों का अभ्यास क्रमशः और सावधानीपूर्वक करना चाहिए। ये कमर व रीढ़ के लिए लाभदायी आसन हैं।

इन आसनों की विस्तृत विधि, लाभ और सावधानियों के बारे में जानने के लिए आप हमारा लेख कमर व रीढ़ के लिए वज्रासन पोज के 4 आसन अवश्य पढ़ें।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

Q1. क्या वज्रासन भोजन के बाद भी किया जा सकता है?

उत्तर: भोजन करने के तुरंत बाद योगाभ्यास में सभी क्रियाएं वर्जित हैं। आसन और प्राणायाम का अभ्यास हमेशा खाली पेट से करना चाहिए। लेकिन वज्रासन एकमात्र ऐसा आसन है जिसे भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है। यह पाचन में सहायक है।

Q2. वज्रासन कितनी देर करना चाहिए?

उत्तर: प्रारंभ में 10–15 सेकंड करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 5–10 मिनट तक करें। 

Q3. क्या वज्रासन सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते हैं?

उत्तर: सामान्य रूप से हाँ, लेकिन घुटनों या रीढ़ की समस्या वाले व्यक्ति चिकित्सक से सलाह लें।

Q4. वज्रासन का मुख्य लाभ क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य लाभ पाचन शक्ति बढ़ाना और पैरों की थकान दूर करना है।

सारांश

वज्रासन पाचन शक्ति बढ़ाने वाला तथा पैरों के स्नायु तंत्र को सुदृढ़ करने वाला उत्तम आसन है। दिन में किसी भी समय इसका अभ्यास किया जा सकता है। यह पैरों की थकान दूर करने और ध्यान में सहायक आसन है।

Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा का विकल्प नहीं है। अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार अभ्यास करें। क्षमता से अधिक या बलपूर्वक किया गया अभ्यास हानिकारक हो सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।


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