यदि आप योग की शुरुआत करना चाहते हैं और समझ नहीं पा रहे कि कहाँ से शुरू करें, तो यह लेख आपके लिए है।
यह Beginner Yoga Guide आपको घर पर सुरक्षित, सरल और वैज्ञानिक तरीके से योग शुरू करना सिखाएगा।
आज पूरा विश्व योग को अपना रहा है क्योंकि यह शरीर, श्वसन तंत्र और मानसिक संतुलन तीनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
👉You can also read the English version here: Yoga for Beginners.
📑 विषय सूची (Table of Contents)
3.1 कमर चक्रासन
3.2 पश्चिमोत्तानासन
3.3 वज्रासन
3.4 भुजंगासन
3.5 शलभासन
3.6 मर्कटासन
3.7 ताड़ासन (लेटकर)
3.8 शवासन
4. Beginners के लिए सरल प्राणायाम
4.1 श्वास-प्रश्वास
4.2 कपालभाति
4.3 अनुलोम-विलोम
4.4 नाड़ी शोधन
5. ध्यान (Meditation for Beginners)
6. योग के लाभ
7. FAQ
8. निष्कर्ष
9. Disclaimer
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Yoga for Beginners क्या है?
योग भारत की प्राचीन वैज्ञानिक विधि है। भारतीय ऋषियों ने इसे शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के लिए विकसित किया। इसके आठ अंग बताए गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए मुख्यतः तीन चरणों का ही अभ्यास किया जाता है:
- आसन: यह एक शारीरिक अभ्यास (Physical Practice) है।
- प्राणायाम: यह योग का श्वसन अभ्यास (Breathing Practice) है।
- ध्यान: Meditation या ध्यान मानसिक शांति देने वाला अभ्यास है।
नए व्यक्ति योग कैसे शुरू करें?
योग का अभ्यास सभी के लिए लाभदायी है। सभी स्वस्थ व्यक्ति अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार इसका अभ्यास कर सकते हैं। यदि आपने पहले योगाभ्यास नहीं किया है और आप beginner हैं, तो आप सुरक्षित रूप से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन नए व्यक्तियों को अभ्यास में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- सरल अभ्यास करें
- सही क्रम से अभ्यास
- अपने शरीर की स्थिति का ध्यान रखें
- क्षमता से अधिक अभ्यास न करें
अभ्यास का सही क्रम
जरूरी सावधानियाँ
- खाली पेट अभ्यास करें
- बलपूर्वक कोई क्रिया न करें
- क्षमता अनुसार अभ्यास करें
- गंभीर रोग होने पर डॉक्टर से सलाह लें
Beginners के लिए सरल आसन (Easy Yoga Asanas)
- खड़े होकर जॉगिंग करना
- त्रिकोण आसन
- ताड़ासन
1️⃣ कमर चक्रासन
यह अभ्यास कमर और रीढ़ को लचीला बनाने में सहायक होता है।
विधि (Step-by-Step Method)
- दोनों पैरों को आरामदायक दूरी पर खोल लें
- कमर से झुकते हुए माथा बाएँ घुटने की ओर ले जाएँ
- दायाँ हाथ बाएँ पैर के पास रखें और दूसरा हाथ पीठ के पीछे रखें
- धीरे-धीरे ऊपर उठें
- अब दूसरी दिशा में यही प्रक्रिया दोहराएँ
- 3–4 आवृत्तियाँ करें
- अभ्यास के बाद विश्राम करें
सावधानियां (Precautions)
- शुरुआत में माथा घुटने से लगाने का अधिक प्रयास न करें
- कमर को अपनी क्षमता अनुसार ही झुकाएँ
- अधिक बल प्रयोग न करें
2️⃣ पश्चिमोत्तानासन
यह रीढ़, कमर और जांघों के लिए लाभकारी आसन है।
सही विधि (Step-by-Step Method)
- दोनों पैर सीधे मिलाकर बैठें
- श्वास भरते हुए हाथ ऊपर उठाएँ
- श्वास छोड़ते हुए आगे झुकें
- हाथ और सिर घुटनों की ओर ले जाएँ
- कुछ क्षण रुककर धीरे-धीरे ऊपर आएँ
- विश्राम करें
सावधानियां (Precautions)
- कमर को क्षमता अनुसार झुकाएँ
- कमर दर्द या रीढ़ की समस्या में न करें
- गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान न करें
3️⃣ वज्रासन
यह शुरुआती साधकों के लिए पाचन सुधारने वाला सरल और सुरक्षित आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- घुटनों के बल बैठें
- एड़ियों के बीच बैठ जाएँ
- रीढ़ और गर्दन सीधी रखें
- दोनों हाथ घुटनों पर रखें
- कुछ देर क्षमता अनुसार इस स्थिति में बैठें
सावधानियां (Precautions)
- घुटनों में दर्द हो तो यह अभ्यास न करें
- पैर या घुटनों की सर्जरी होने पर इस आसन से परहेज करें
4️⃣ भुजंगासन
यह रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाने वाला आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- पेट के बल लेटें
- हथेलियाँ कंधों के पास रखें
- धीरे-धीरे सिर और सीना ऊपर उठाएँ
- कुछ क्षण रुकें
- धीरे-धीरे नीचे आएँ
सावधानियां (Precautions)
- पेट या रीढ़ की गंभीर समस्या में न करें
- क्षमता अनुसार अभ्यास करें
5️⃣ शलभासन
यह पीठ और जांघों को मजबूत करने वाला अभ्यास है।
विधि (Step-by-Step Method)
- पेट के बल लेटें
- हाथ जांघों के नीचे रखें
- ठोड़ी जमीन पर टिकाएँ
- दोनों मिले हुए पैर थोड़ा ऊपर उठाएँ
- कुछ सेकंड रुकें और धीरे से नीचे रखें
सावधानियां (Precautions)
- कमर दर्द में सावधानी रखें
- अधिक ऊँचाई तक पैर न उठाएँ
6️⃣ मर्कटासन
यह रीढ़ और पेट के लिए आरामदायक ट्विस्ट आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- पीठ के बल लेटें
- घुटने मोड़ें
- श्वास भरें और घुटनों को एक ओर झुकाएँ
- गर्दन विपरीत दिशा में घुमाएँ
- वापस आएँ और दूसरी ओर दोहराएँ
- इस अभ्यास की दो या तीन आवृत्तियां करें
सावधानियां (Precautions)
- पेट के ऑपरेशन के बाद न करें
- गंभीर आंत रोग में परहेज करें
7️⃣ ताड़ासन लेट कर
यह पूरे शरीर को खिंचाव दे कर Relax करने वाला सरल आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- पीठ के बल लेट सीधे लेट जाएं
- दोनों पैरों को सीधा करें
- हाथ ऊपर सिर की तरफ उठाएँ
- श्वास भरकर हाथों और पैरों को खींचें
- श्वास छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आएँ
सावधानियां (Precautions)
- श्वास भरते हुए शरीर में खिंचाव देना
- श्वास छोड़ते हुए शरीर को ढीला छोड़ना
8️⃣ शवासन
यह पूर्ण विश्राम और मानसिक शांति का अंतिम आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- सभी आसन का अभ्यास करने के बाद सीधे लेटे रहें
- हाथों को शरीर के साथ और हथेलियां खुली हुई रखें
- पूरे शरीर को ढीले छोड़ दें
- आँखें बंद करें
- श्वास सामान्य रखें
- ध्यान को शरीर पर केंद्रित करें
- 3–5 मिनट विश्राम करें
सावधानियां (Precautions)
- नींद न लें, केवल सजग विश्राम करें
- ध्यान का केंद्र शरीर को रखे
- बंद आंखों से शरीर का अवलोकन करें और अभ्यास से आए हुए प्रभाव को अनुभव करें
🌬 Beginners के लिए सरल प्राणायाम
1️⃣ श्वास-प्रश्वास
यह गहरी श्वास लेने और छोड़ने का प्रारंभिक अभ्यास है।
विधि (Step-by-Step Method)
- आरामदायक आसन में बैठें
- लम्बी गहरी श्वास लें
- पूरा श्वास भरें
- धीरे-धीरे पूरा श्वास बाहर छोड़ें
- ये 4–5 आवृत्तियाँ करें
सावधानियां (Precautions)
- श्वास रोकने का प्रयास न करें
- आराम से अभ्यास करें
2️⃣ कपालभाति
यह कपाल (शीर्ष) भाग को प्रभावित करने वाला और श्वसन तंत्र को सक्रिय करने वाला अभ्यास है।
विधि (Step-by-Step Method)
- आरामदायक पोज में बैठें
- रीढ़ को सीधा रखें
- हाथ घुटनों पर और आँखें कोमलता से बंद करें
- तेजी से श्वास बाहर छोड़ें
- श्वास स्वतः अंदर जाएगी
- 20–30 बार करें
- क्षमता अनुसार अभ्यास करने के बाद श्वास को सामान्य करें
सावधानियां (Precautions)
- हृदय रोगी और श्वास रोगी यह अभ्यास न करें
- उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति धीमी गति करें
- शुरुआती व्यक्ति अधिक आवृत्ति न करें
3️⃣ अनुलोम-विलोम
यह ऊर्जा को संतुलित करने वाला प्राणायाम है।
विधि (Step-by-Step Method)
- दाईं नासिका बंद करें
- बाईं से श्वास लें
- बाईं बंद कर दाईं से छोड़ें
- फिर दाईं से लें, बाईं से छोड़ें
- यह एक आवर्ती पूरी हुई
- इसी प्रकार तीन या चार आवृत्तियां पूरी करें
सावधानियां (Precautions)
- इस अभ्यास में श्वास रोकने की आवश्यक नहीं है
- अभ्यास बाईं नासिका से शुरू करके बाईं नासिका से ही खत्म करना चाहिए
4️⃣ नाड़ी शोधन
इस अभ्यास से प्राणिक नाड़ियों का शुद्धिकरण किया जाता है। श्वसन तंत्र को सुदृढ़ करने वाला यह महत्व पूर्ण आसन है।
विधि (Step-by-Step Method)
- पद्मासन या सुखासन में बैठें
- बाईं से श्वास लें
- कुछ क्षण रुकें
- दाईं से छोड़ें
- पूरा श्वास खाली होने के बाद दाईं ओर से श्वास भरें और कुछ देर रुकें
- बाईं तरफ से पूरा श्वास बाहर निकलें
- यह एक आवर्ती पूरी हुई
- इसी क्रम में दो या तीन आवृत्तियां पूरी करें
सावधानियां (Precautions)
- श्वास अपनी क्षमता अनुसार ही रोकें
- बलपूर्वक अधिक देर तक श्वास न रोकें
- अस्थमा रोगी यह अभ्यास न करें
🧘 ध्यान (Meditation for Beginners)
विधि (Step-by-Step Method)
- सुखासन या पद्मासन में बैठें
- श्वास पर ध्यान केंद्रित करें
- आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाएँ
- 5–10 मिनट से शुरुआत करें
योग के लाभ
- शरीर मजबूत बनाता है
- आंतरिक अंगों को सक्रिय करता है
- रक्त संचार संतुलित करता है
- श्वसन तंत्र को सुदृढ़ करता है
- पाचन सुधारता है
- मानसिक शांति देता है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. Beginners को कौन से आसन से शुरुआत करनी चाहिए?
शुरुआती व्यक्तियों को सरल आसन और सरल प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। नए अभ्यासी (Beginners) को बलपूर्वक कोई अभ्यास नहीं करना चाहिए। शरीर के अंगों को आराम देने वाले आसन का अभ्यास करना चाहिए और कष्ट देने वाले आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
Q2. क्या Beginners प्राणायाम कर सकते हैं?
हां, कर सकते हैं। लेकिन प्राणायाम श्वास की क्षमता अनुसार करना चाहिए। Beginners को आरम्भ में केवल सरल प्राणायाम करने चाहिए। कमजोर श्वसन वाले व्यक्ति को श्वास रोकने वाले अभ्यास नहीं करने चाहिए।
Q3. कुम्भक प्राणायाम क्या है?
Q4. योग करने का सही समय क्या है?
सुबह का समय योग के लिए उत्तम माना गया है। दिन में किसी और समय योगाभ्यास करना है तो खाना खाने के तुरंत बाद अभ्यास नहीं करना चाहिए। योग का अभ्यास हमेशा खाली पेट से करना चाहिए।
Q5. क्या घर पर योग करना सुरक्षित है?
हाँ, योग का अभ्यास घर पर भी किया जा सकता है। योगाभ्यास के लिए पार्क जैसा प्राकृतिक वातावरण वाला स्थान उत्तम माना जाता है। घर पर अभ्यास करना है तो खुला और हवादार स्थान का चयन करना चाहिए।
निष्कर्ष
योग सभी के लिए का लाभदायी अभ्यास है। नए अभ्यासी (Beginner) को शुरू में सरल आसन और सरल प्राणायाम करने चाहिए, कठिन अभ्यास नहीं करने चाहिए।
Disclaimer
यह लेख चिकित्सा के लिए नहीं है। यह योग की एक सामान्य जानकारी है। योग अभ्यास अपनी क्षमता अनुसार करें। गंभीर रोग होने पर प्रशिक्षक या चिकित्सक से सलाह लें। लेख में बताए गए सभी अभ्यास केवल स्वस्थ व्यक्तियों के लिए हैं।
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