क्या वृद्ध व्यक्ति (Senior Citizens) प्राणायाम कर सकते हैं? प्राणायाम का अभ्यास युवा-वृद्ध, स्त्री-पुरुष — हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त है। लेकिन जो बुजुर्ग पहली बार प्राणायाम का अभ्यास कर रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सीनियर सिटीजन के लिए प्राणायाम क्यों जरूरी है और इसे कैसे करें? कौन-सी सावधानियों का ध्यान रखें? प्रस्तुत लेख में इन्हीं विषयों को विस्तार से बताया गया है।
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| प्राणायाम करते सीनियर सिटीजन — Pranayam for Senior Citizens. |
विषय सूची
- सीनियर सिटीजन के लिए प्राणायाम क्यों जरूरी है?
- सीनियर सिटीजन प्राणायाम कैसे करें?
- प्राणायाम की विधि
- प्राणायाम में सावधानियां
- सीनियर सिटीजन के लिए सरल प्राणायाम
- प्राणायाम के लाभ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीनियर सिटीजन के लिए प्राणायाम क्यों जरूरी है?
आयु बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर की श्वसन क्रिया कमजोर होने लगती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी घटने लगती है। इसी कारण वृद्धावस्था में श्वास-रोग, हृदय-रोग तथा अन्य कई रोगों की संभावना बढ़ जाती है।
प्राणायाम हमारे श्वसन-तंत्र को सुदृढ़ करता है, हृदय को मजबूती देता है और प्राण-शक्ति की वृद्धि करता है। इसलिए सीनियर सिटीजन को सरलता से प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए — कुछ सावधानियों के साथ।
सीनियर सिटीजन प्राणायाम कैसे करें?
जो व्यक्ति युवावस्था से ही योगाभ्यास करते आ रहे हैं, उन्हें वृद्धावस्था में आसन-प्राणायाम करने में कोई कठिनाई नहीं होती। लेकिन जो बुजुर्ग अब पहली बार प्राणायाम करना चाहते हैं, उन्हें अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करना चाहिए।
जो सीनियर सिटीजन स्वस्थ हैं और जिनकी श्वसन-स्थिति ठीक है, वे पूरी विधि के अनुसार प्राणायाम कर सकते हैं। लेकिन जो अधिक वृद्ध हैं, प्राणायाम पहली बार कर रहे हैं, या जिन्हें श्वास संबंधी कोई परेशानी है — उन्हें आगे बताए गए सरल प्राणायाम सावधानी से करने चाहिए।
प्राणायाम से पहले कुछ सरल आसन या सूक्ष्म-व्यायाम कर लेने चाहिए। जो व्यक्ति आसन करने की स्थिति में न हों, वे थोड़ा टहलने का अभ्यास करें और श्वासों को सामान्य करके प्राणायाम आरंभ करें।
प्राणायाम की विधि
यह अभ्यास हमेशा अपनी शारीरिक अवस्था और क्षमता के अनुसार ही करें। श्वास की क्षमता से अधिक अभ्यास न करें। समय, स्थान, वस्त्र आदि से जुड़े सामान्य नियमों का पालन करें।
बैठने की स्थिति :- पद्मासन या सुखासन में बैठकर अभ्यास करना उत्तम है। लेकिन जिन सीनियर सिटीजन को घुटने मोड़कर बैठने में परेशानी है, वे नीचे बैठने का प्रयास न करें — ऐसी स्थिति में कुर्सी पर बैठकर केवल सरल प्राणायाम करें।
प्राणायाम में सावधानियां
- अपनी क्षमता का ध्यान रखते हुए ही अभ्यास करें।
- अस्थमा-रोगी, हृदय-रोगी और अधिक वृद्ध व्यक्ति केवल सरल प्राणायाम करें — जैसे लंबे गहरे श्वास लेना-छोड़ना, अनुलोम विलोम तथा भ्रामरी।
- तीव्र गति वाले प्राणायाम न करें, धीमी गति से अभ्यास करें।
- कुम्भक (श्वास को अंदर या बाहर रोकने की स्थिति) का प्रयोग न करें। यदि श्वासों की स्थिति ठीक है तो हल्का कुम्भक लगा सकते हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए सरल प्राणायाम
कुछ ऐसे सरल प्राणायाम हैं जो सभी सीनियर सिटीजन आसानी से कर सकते हैं।
श्वास-प्रश्वास
यह सबसे सरल प्राणायाम है, इसे सभी वृद्ध व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं। शारीरिक क्षमता अलग-अलग होने के कारण इसे तीन चरणों में बांटा गया है।
पहला चरण :- सुविधा के अनुसार बैठें, पीठ सीधी रखें, दोनों हाथ घुटनों पर ज्ञान-मुद्रा में रखें। नासिका से लंबा गहरा श्वास भरें और पूरी तरह भर जाने पर बिना रोके पूरी तरह खाली करें। यह एक आवृत्ति हुई — इसी प्रकार पांच आवृत्तियां करें, अपनी सुविधा अनुसार घटा-बढ़ा सकते हैं।
दूसरा चरण :- जिनकी श्वसन-स्थिति कुछ ठीक है, वे श्वास धीरे-धीरे भरें और धीरे-धीरे ही खाली करें। दो-तीन आवृत्तियां अपनी सुविधा अनुसार करें।
तीसरा चरण :- जो स्वस्थ हैं और जिनकी श्वसन-स्थिति अच्छी है, वे नासिका से श्वास धीमी गति से भरें, पूरा भर जाने पर कुछ सेकंड सुविधानुसार रुकें और धीमी गति से खाली करें। अन्य आवृत्तियां अपनी सुविधा अनुसार करें। अंत में श्वासों को सामान्य करें।
कपालभाति
दोनों हाथ घुटनों पर रखें, पीठ सीधी रखें। पेट पर दबाव डालते हुए श्वास को झटके से बाहर छोड़ें और सामान्य गति से श्वास भरें। नए अभ्यासी कपालभाति की विधि अच्छी तरह समझकर ही अभ्यास करें।
अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम एक सरल प्राणायाम है, कपालभाति के बाद इसे अवश्य करें। इसमें बारी-बारी एक नासिका बंद करके दूसरी नासिका से श्वास भरना और छोड़ना होता है। बाईं नासिका से श्वास भरते हुए अभ्यास आरंभ करें, निश्चित आवृत्तियां पूरी करने के बाद बाईं नासिका से श्वास खाली करते हुए वापस आ जाएं।
भ्रामरी प्राणायाम
यह आसानी से किया जाने वाला उत्तम प्राणायाम है। सुविधाजनक स्थिति में बैठें, हाथों को कोहनियों से मोड़ें, अंगूठों से दोनों कान बंद कर लें और उंगलियों से आंखों को कोमलता से ढक लें (आंखों पर दबाव न डालें)। कान इस प्रकार बंद हों कि बाहर की कोई आवाज न सुनाई दे।
लंबा श्वास भरें और मुंह बंद रखते हुए कंठ से "ऊं-ऊं-ऊं" की आवाज निकालें। इसकी दो-तीन आवृत्तियां करें।
प्राणायाम के लाभ
- श्वसन-प्रणाली सुदृढ़ होती है।
- फेफड़े सक्रिय रहते हैं।
- पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने से हृदय को मजबूती मिलती है।
- प्राण-शक्ति में वृद्धि होती है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) में वृद्धि होती है।
सारांश
सीनियर सिटीजन के लिए प्राणायाम विशेष लाभकारी है। कुछ सावधानियों के साथ नियमित अभ्यास से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या सभी सीनियर सिटीजन कुम्भक लगा सकते हैं?
नहीं, जिनकी श्वसन-स्थिति ठीक नहीं है वे कुम्भक न लगाएं। केवल स्वस्थ श्वसन-स्थिति वाले व्यक्ति जो नियमित अभ्यासी हैं, हल्का कुम्भक लगा सकते हैं।
सीनियर सिटीजन को सबसे पहले कौन-सा प्राणायाम करना चाहिए?
श्वास-प्रश्वास (पहला चरण) सबसे सरल है और इसे हर सीनियर सिटीजन आरंभ में कर सकता है।
घुटनों की परेशानी में प्राणायाम के लिए कौन-सी स्थिति में बैठें?
जो सीनियर सिटीजन घुटनों की परेशानी के कारण नीचे नहीं बैठ सकते हैं, वे कुर्सी पर बैठें, पीठ को सीधा रखें और सरल प्राणायाम करें।
Disclaimer
योग क्रियाएं अपनी शारीरिक अवस्था व क्षमता के अनुसार ही करनी चाहिए। श्वास-रोगी, हृदय-रोगी तथा अधिक वृद्ध व्यक्ति प्राणायाम न करें। लेख में बताए गए प्राणायाम केवल स्वस्थ व्यक्तियों के लिए हैं।
